उपसर्ग (Upsarg) – परिभाषा, अर्थ, भेद और उदाहरण : Upsarg in Hindi

By Hari Prasad

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Hindi grammar card: उपसर्ग (Upsarg) की परिभाषा, अर्थ, भेद और उदाहरण

उपसर्ग (Upsarg) क्या है?

उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी मूल शब्द के शुरुआत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विस्तार या विशेषता पैदा करते हैं। उपसर्ग का अपना स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता, लेकिन किसी शब्द के साथ जुड़कर वह नया अर्थ बना देता है।

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उदाहरण के लिए: प्र + हार = प्रहार, आ + हार = आहार, सम् + हार = संहार, वि + हार = विहार

उपसर्ग का अर्थ (Meaning of Upsarg)

उपसर्ग शब्द उप और सर्ग से मिलकर बना है। यहाँ उप का अर्थ “समीप” और सर्ग का अर्थ “सृष्टि करना” माना जाता है। इसलिए उपसर्ग का शाब्दिक अर्थ हुआ— किसी शब्द के पास आकर उसके लिए नया अर्थ बनाना।

सरल भाषा में, जो शब्दांश शब्द के आगे लगकर उसका अर्थ बदल दें, वे उपसर्ग कहलाते हैं।

उपसर्ग की परिभाषा (Definition of Upsarg)

किसी भी भाषा में वह अव्यय या शब्दांश जो मूल शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ को प्रभावित करे, उपसर्ग कहलाता है। जैसे , अनु, अप, वि आदि।

उपसर्ग कैसे पहचानें? (How to Identify Upsarg)

उपसर्ग हमेशा शब्द के आरंभ में आते हैं। यदि किसी शब्द के पहले का हिस्सा हटाने पर एक नया अर्थ बनता है, तो वह हिस्सा उपसर्ग हो सकता है।

  • परलोक = पर + लोक
  • पराजय = परा + जय
  • अनमोल = अन + मोल

इन उदाहरणों में पर, परा और अन उपसर्ग हैं।

उपसर्ग के उदाहरण (Upsarg Examples)

  • अ + छूता = अछूता
  • अन + पढ़ = अनपढ़
  • भर + पेट = भरपेट
  • अध + पका = अधपका
  • बिन + बादल = बिनबादल
  • सम + तल = समतल

इन शब्दों में उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को नया रूप देते हैं।

एक शब्द में एक से अधिक उपसर्ग (Multiple Prefixes)

कुछ शब्दों में एक से अधिक उपसर्ग भी लग सकते हैं। ऐसे शब्दों में अर्थ अधिक स्पष्ट या विशेष हो जाता है।

  • प्रति + अप + वाद = प्रत्यपवाद
  • सम् + आ + लोचन = समालोचन
  • वि + आ + करण = व्याकरण
  • वि + अव + हार = व्यवहार

उपसर्ग के भेद (Types of Upsarg)

हिंदी व्याकरण में उपसर्ग मुख्यतः तीन प्रकार के माने जाते हैं:

  1. तत्सम उपसर्ग
  2. तद्भव उपसर्ग
  3. आगत उपसर्ग

तत्सम उपसर्ग (Tat Sam Prefixes)

जो उपसर्ग संस्कृत से सीधे हिंदी में आए हैं, उन्हें तत्सम उपसर्ग कहते हैं।

  • अधि + कार = अधिकार
  • आ + गम = आगम

तद्भव उपसर्ग (Tadbhav Prefixes)

जो उपसर्ग संस्कृत से विकसित होकर हिंदी में प्रचलित हुए, उन्हें तद्भव उपसर्ग कहा जाता है।

  • अ + टल = अटल
  • क + पूत = कपूत

आगत उपसर्ग (Borrowed Prefixes)

अरबी, फ़ारसी, उर्दू और अंग्रेज़ी जैसी भाषाओं से आए शब्दांशों को आगत उपसर्ग कहा जाता है।

  • बद + दिमाग = बददिमाग
  • खुश + मिजाज = खुशमिजाज

हिंदी के प्रमुख उपसर्ग (Hindi Prefixes)

हिंदी में प्रमुख उपसर्गों की संख्या 13 मानी जाती है। ये हैं: अ, अन, क, कु, दु, नि, औ/अव, भर, सु, अध, उन, पर, बिन

  • — अभाव, निषेध: अछूता, अथाह, अटल
  • अध — आधा: अधपका, अधकच्चा, अधमरा
  • अन — अभाव, निषेध: अनमोल, अनबन, अनपढ़
  • उन — एक कम: उनतीस, उनसठ, उनहत्तर
  • औ/अव — हीन, निषेध: औगुन, औसर
  • — बुरा, हीन: कपूत, कचोट
  • कु — बुरा: कुचाल, कुचक्र, कुचैला
  • दु — कम, बुरा, दो: दुबला, दुलारा, दुरंगा, दुभाषिया
  • नि — कमी: निडर, निहत्था, निकम्मा
  • पर — दूसरा, बाद का: परलोक, परोपकार, परहित
  • बिन — बिना, निषेध: बिनब्याहा, बिनबादल, बिनजाने
  • भर — पूरा: भरपेट, भरपूर, भरसक
  • सु — अच्छा: सुडौल, सुजान, सुघड़, सुफल

संस्कृत के प्रमुख उपसर्ग (Sanskrit Prefixes)

संस्कृत में प्रमुख उपसर्गों की संख्या 22 मानी जाती है। इनमें अति, अधि, अनु, अन्, अप, अपि, अभि, अव, आ, उत्, उद्, उप, दुर्/दुस्, नि, निर्/निस्, परा, परि, प्र, प्रति, वि, सम्, सु शामिल हैं।

कुछ प्रमुख संस्कृत उपसर्ग और उनके उदाहरण

  • अति — अधिक: अत्याचार, अत्यंत, अतिरिक्त
  • अधि — ऊपर, श्रेष्ठ: अधिकार, अध्यक्ष, अध्ययन
  • अनु — पीछे, समान: अनुचर, अनुसार, अनुभव
  • अन् — अभाव, रहित: अनादि, अनन्त, अनेक
  • अप — बुरा, हीन: अपमान, अपकार, अपशब्द
  • अभि — सामने, चारों ओर: अभिमान, अभियान, अभिज्ञान
  • अव — हीन, नीच: अवगुण, अवकाश, अवज्ञा
  • — तक, समेत: आजन्म, आगमन, आक्रमण
  • उत् — ऊँचा, श्रेष्ठ: उत्कर्ष, उत्तम, उत्थान
  • उद् — ऊपर, उत्कर्ष: उद्गम, उद्भव, उद्घाटन
  • उप — निकट, सदृश: उपदेश, उपवन, उपहार
  • दुर्/दुस् — बुरा, कठिन: दुर्जन, दुर्गम, दुस्साहस
  • नि — निषेध, नीचे: निषेध, निपुण, निवास
  • निर्/निस् — बिना, बाहर, रहित: निरोग, निर्दोष, निर्भीक
  • परा — उल्टा, पीछे: पराजय, पराभव, पराक्रम
  • परि — आसपास, चारों तरफ: परिवार, परिक्रमा, परिधि
  • प्र — आगे, अधिक: प्रबल, प्रगति, प्रस्थान
  • प्रति — सामने, उलटा, हर एक: प्रतिकार, प्रतिदिन, प्रत्यक्ष
  • वि — भिन्न, विशेष: विजय, विवाद, विभेद
  • सम् — साथ, पूर्ण: संगम, संबंध, संहार
  • सु — अच्छा: सुकर्म, सुभाषित, सुगंध, सुशील

अरबी, उर्दू और फ़ारसी के उपसर्ग (Arabic, Urdu and Persian Prefixes)

हिंदी में कुछ उपसर्ग अरबी, उर्दू और फ़ारसी से भी आए हैं। ये शब्द-निर्माण में बहुत सामान्य रूप से प्रयोग होते हैं।

  • अल — निश्चित: अलबत्ता, अलगरज
  • कम — थोड़ा, हीन: कमजोर, कमबख़्त
  • खुश — अच्छा: खुशखबरी, खुशहाल, खुशनसीब
  • गैर — निषेध: गैरहाज़िर, गैरकानूनी, गैरमुल्क
  • दर — में: दरअसल, दरहकीकत
  • ना — अभाव: नाराज़, नापसंद, नालायक
  • फिल — में: फिलहाल
  • फी — प्रति: फीआदमी
  • — और, अनुसार: बदौलत, बगैर
  • बद — बुरा: बदनाम, बदमाश, बदबू
  • बा — सहित: बाकायदा, बाअदब, बाइज्ज़त
  • बे — बिना: बेईमान, बेचैन, बेवकूफ़
  • बिला — बिना: बिलाबजह, बिलाशक
  • ला — रहित: लाचार, लावारिस, लाजवाब
  • सर — मुख्य: सरदार, सरपंच, सरताज
  • हम — समान, साथवाला: हमदर्द, हमउम्र, हमवतन
  • हर — प्रत्येक: हरदिन, हरसाल, हरएक

अंग्रेज़ी के उपसर्ग (English Prefixes Used in Hindi)

हिंदी में कुछ अंग्रेज़ी मूल के उपसर्ग/पद भी प्रयोग में आते हैं, जैसे सब, डिप्टी, वाइस, जनरल, चीफ़ और हेड

  • सब — सब-जज, सब-कमेटी, सब-इंस्पेक्टर
  • डिप्टी — डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-मिनिस्टर
  • वाइस — वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसीडेंट
  • जनरल — जनरल मैनेजर, जनरल सेक्रेटरी
  • चीफ़ — चीफ मिनिस्टर, चीफ इंजीनियर
  • हेड — हेडमास्टर, हेड क्लर्क

उपसर्ग और समास का संबंध (Prefix and Samas)

कुछ उपसर्गों का प्रयोग समास में भी होता है। उदाहरण के लिए, तिराहा जैसे शब्दों में संख्यावाची तत्व जुड़ा होता है, इसलिए ऐसे कुछ शब्दों का संबंध समास से भी माना जाता है।

उपसर्ग के महत्वपूर्ण नियम (Important Rules of Upsarg)

  • उपसर्ग मूल शब्द के पहले लगते हैं।
  • उपसर्ग का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।
  • एक ही उपसर्ग अलग-अलग शब्दों में अलग अर्थ दे सकता है।
  • उपसर्ग से नए शब्द बनते हैं और अर्थ में परिवर्तन आता है।
  • उपसर्ग की सहायता से विलोम शब्द भी बनाए जा सकते हैं, जैसे सत्य-असत्य और हिंसा-अहिंसा

उपसर्ग के अन्य अर्थ (Other Meanings of Upsarg)

व्याकरण में उपसर्ग का अर्थ शब्दांश होता है, लेकिन कुछ अन्य संदर्भों में इसका अलग प्रयोग भी मिलता है।

  • किसी पदार्थ के निर्माण के दौरान बीच में बन जाने वाला सह-उत्पाद भी उपसर्ग कहा गया है।
  • योग या साधना में आने वाली बाधा, विघ्न या अपशगुन के लिए भी उपसर्ग शब्द का प्रयोग मिलता है।

उपसर्ग के बारे में याद रखने योग्य बातें (Key Takeaways)

  • उपसर्ग हमेशा शब्द के आरंभ में लगते हैं।
  • इनका अलग से स्वतंत्र अर्थ नहीं होता।
  • ये शब्द के अर्थ को नया रूप देते हैं।
  • हिंदी में उपसर्गों का प्रयोग शब्द-निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण है।
  • एक उपसर्ग के कई अर्थ हो सकते हैं।

FAQs: उपसर्ग से जुड़े सामान्य प्रश्न (Frequently Asked Questions)

उपसर्ग किसे कहते हैं?

जो शब्दांश मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।

हिंदी में प्रमुख उपसर्ग कितने हैं?

हिंदी में प्रमुख उपसर्ग 13 माने जाते हैं।

संस्कृत के प्रमुख उपसर्ग कितने हैं?

संस्कृत के प्रमुख उपसर्ग 22 माने जाते हैं।

उपसर्ग के मुख्य भेद कौन-से हैं?

उपसर्ग के मुख्य भेद हैं: तत्सम, तद्भव और आगत उपसर्ग।

उपसर्ग और प्रत्यय में क्या अंतर है?

उपसर्ग शब्द के पहले लगते हैं, जबकि प्रत्यय शब्द के बाद में लगते हैं।

अति उपसर्ग के कुछ उदाहरण क्या हैं?

अतिशय, अतिरेक, अत्याचार, अत्यंत, अतिरिक्त और अतिवृष्टि अति उपसर्ग से बने शब्द हैं।

प्रति उपसर्ग के कुछ उदाहरण क्या हैं?

प्रतिकार, प्रतिकूल, प्रतिक्रिया, प्रतिदिन, प्रतिध्वनि, प्रत्यक्ष और प्रत्येक इसके उदाहरण हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

उपसर्ग हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो शब्दों के अर्थ को बदलने, विस्तार देने और नए शब्द बनाने में मदद करता है। सही उपसर्ग पहचानने से शब्दों का अर्थ समझना आसान हो जाता है और भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।

Hari Prasad

I am P. Hari Prasad , a Lecturer with 12+ years of experience in teaching and content writing. My expertise lies in simplifying complex topics, clarifying doubts, and creating well-researched, accurate articles. As an educator and writer, I strive to provide trustworthy and valuable information to my readers. If you have any questions or need further clarification, feel free to comment below—I’m here to help!

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